आइए मातृ दिवस के इस पावन अवसर पर हम सभी की मां भारत माता के नित्य प्रति वंदन का संकल्प लें।
भारत माता
सौंदर्य की देवी हो तुम, हे श्रद्धा की मूर्ति।
त्यागमयी, ममतामयी, तुम हो वात्सल्य की मूर्ति।
सदा दया का पाठ सिखातीं, करती धन-धान्य ने की पूर्ति।
सारे भारतवासी मिलकर, करेंगे तेरा श्रृंगार।
तू अपने प्यारे बच्चों को, देती अनुपम प्यार।।
स्वर्णमयी आभा वाला, पहिनाएंगे परिवेश।
संसार में दिग्विजय बने, भारत मां तेरा देश।।
अपने कर्तव्य तराजू पर, अपना समस्त जीवन तोलें।
अन्याय दुराचारों के विरुद्ध, आओ हम अपना मुख खोलें।।
जीवन रूपी विष प्याले में, आओ अमृत सा रस घोलें।
आओ ‘ज्योति’ हम सब मिलकर, माता की जय बोलें।।



















