अरुणिमा
ज़िन्दगी की अरुणिमा में, साथ था जिस पल वो तेरा।हर समय बस खिल-खिलाता, गात था कुसुमय सा मेरा।। हर समय इक तरुणिमा सी, छाई उर अंतर थी मेरे।मुस्कराहट में छिपी थी, खिल-खिलाहट सी ही मेरे।हाथ था जिस पल तुम्हारा, हाथ कस लेता था मेरा।। उर्मियों सी चमचमाती, देह कुन्दन सी … Read More



















