प्यार

मैंने तुमसे प्यार किया है, इसमें मेरी खता नहीं।पर कितना प्यार किया है तुमसे, इसका मुझको पता नहीं।। हर पल ही घूमा करता था, गात तेरा चूमा करता था।किसने लगन लगाई इतनी, इसका मुझको पता नहीं।। दरिया सागर छोटे पड़ गए, सारे अगन बुझाने में।किसने ऐसी अगन लगाई, इसका मुझको … Read More

चार दिन की ज़िंदगानी

जब जिंदगानी चार दिन की रह गई।किस लिए अब फासले मिटाते हो।।रहने दो दीवार अब यूं ही खड़ी।किस लिए इसे आप अब गिराते हो।।एक ये ही तो बनी पहचान है।प्यार की अविरल हमारे आपके।।रहने दो इसको खड़ी हूं ही सदा।किसलिए बेवक्त ही गिराते हो।।इस पे हैं दोनों तरफ लिक्खी गई।प्यार … Read More